कुलधरा की रहस्यमय दास्तां
ट्रैवल Deep  

Kuldhara ki rahsay me Dastan

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Kuldhara ki Rahsay me Dastan

Kuldhara ki rahsay me Dastan
यदि आप इसे पढ़ रहे हैं, तो आप आनंदित हैं कि आपके पीछे क्या है?

 

भारत के विभिन्न हिस्सों में कई रहस्यमयी किस्से हैं, लेकिन राजस्थान की रहस्यमयी कहानियां बहुत प्रसिद्ध हैं। उनमें से एक Kuldhara ki rahsay me Dastan हैं। इसे पढ़ने वाले सभी  रहस्यमयी किस्से, आपने भानगढ़ किले के बारे में सुना होगा लेकिन आज हम कुलधरा रहस्यमय के बारे में पढ़ रहे हैं।

जैसलमेर से करीब 18 किलोमीटर दूरी पर स्थित है कुलधरा नाम का एक छोटा सा गांव। कहते हैं सन 1291 के आसपास रईस और मेहनती पालीवाल ब्राह्मणों ने 600 घरों वाले इस गांव को बसाया था। यह भी माना जाता है कि कुलधरा के आसपास 84 गांव थे और इन सभी में पालीवाल ब्राह्मण ही रहा करते थे।

पालीवाल ब्राह्मणों का समुदाय सामान्यत: खेती और मवेशी पालन पर निर्भर रहता था। जिप्संम की परत बारिश के पानी को भूमि में अवशोषित होने से रोकती और इसी पानी से पालीवाल ब्राह्मण अपने खेतों को सींचते थे।

Kuldhara ki rahsay me Dastan
कुलधारा प्राचीन गाँव 

 

लेकिन ऐसा क्या हुआ जो हंसते-खेलते 84 गांव के लोग अचानक बस एक ही रात में अपना घर, मकान, खेती, सब कुछ छोड़कर जाने के लिए मजबूर हो गए?

इसी सवाल से जुड़ी है Kuldhara ki rahsay me Dastan जिसका संबंध कथित तौर पर श्राप और बुरी आत्माओं से है। खुशहाल जीवन जीने वाले पालीवाल ब्राह्मणों पर वहां के दीवान सालम सिंह की बुरी नजर पड़ गई। सालम सिंह को एक ब्राह्मण लड़की पसंद आ गई और वह हर संभव कोशिश कर उसे पाने की कोशिश करने लगा।

जब उसकी सारी कोशिशें नाकाम होने लगीं तब सालम सिंह ने गांव वालों को यह धमकी दी कि या तो पूर्णमासी तक वे उस लड़की को उसे सौंप दें या फिर वह स्वयं उसे उठाकर ले जाएगा।

गांव वालों के सामने एक लड़की के सम्मान को बचाने की चुनौती थी। वह चाहते तो एक लड़की की आहुति देकर अपना घर बचाकर रख सकते थे लेकिन उन्होंने दूसरा रास्ता चुना।

एक रात 84 गांव के सभी ब्राह्मणों ने बैठकर एक निर्णय लिया कि वे रातों रात इस गांव को खाली कर देंगे लेकिन उस लड़की को कुछ नहीं होने देंगे। बस एक ही रात में कुलधरा समेत आसपास के सभी गांव खाली हो गए। जाते-जाते वे लोग इस गांव को श्राप दे गए कि इस स्थान पर कोई भी नहीं बस पाएगा, जो भी यहां आएगा वह बरबाद हो जाएगा।

Kuldhara ki rahsay me Dastan

कुलधरा की सुनसान और बंजर जमीन का पीछा वह श्राप आज तक कर रहा है। तभी तो जिसने भी उन मकानों में रहने या उस स्थान पर बसने की हिम्मत की वह बर्बाद हो गया।

इस स्थान पर लगे श्राप की बात को मनगढ़ंत मानकर कई लोग यहां आए लेकिन जो भी यहां एक रात रुका वह कभी वापस नहीं जा पाया। उसका नामोनिशान तक किसी को नहीं मिला।

आपको बता दें कि बदलते वक्त के साथ 82 गांव तो दोबारा बन गए, लेकिन दो गांव कुलधरा और खाभा तमाम कोशिशों के बाद भी आजतक आबाद नहीं हुए हैं। ये गांव अब भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षण में हैं जिसे दिन की रोशनी में सैलानियों के लिए रोज खोल दिया जाता है।

कहा जाता है कि यह गांव रूहानी ताकतों के कब्जे में है। टूरिस्ट प्लेस में बदल चुके कुलधरा गांव घूमने आने वालों के मुताबिक यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मणों की आहट आज भी सुनाई देती है। गाँव काफी रेतीले, खस्ताहाल ईंटों से भर गया था। कुलधारा  की  रहस्यमयी दास्तां  आज तक अनसुलझी हैं।

उन्हें वहां हरपल ऐसा अनुभव होता है कि कोई आसपास चल रहा है। बाजार के चहल-पहल की आवाजें आती हैं, महिलाओं के बात करने और उनकी चूड़ियों और पायलों की आवाज हमेशा ही आती रहती है। प्रशासन ने इस गांव की सरहद पर एक फाटक बनवा दिया है, जिसके पार दिन में तो सैलानी घूमने आते रहते हैं ,लेकिन रात में इस फाटक को पार करने की कोई हिम्मत नहीं करता है।

Kuldhara ki rahsay me Dastan

 

 

Kuldhara ki rahsay me Dastan

  • पालीवाल ब्राह्मण, कुलधारा के पतन के समय से, जैसलमेर में विभिन्न अप्रत्याशित मार्ग और असामान्य नए जन्म हुए हैं।
  • वैज्ञानिकों ने संकेत दिया है कि उन्होंने शाम के दौरान यहां कुछ अज्ञात लेख और आवाजें देखी हैं|
  • Kuldhara ki rahsay me Dastan  के तहत मिट्टी में लगभग 100 सुरंगों का जाल पाया गया है। यह माना जाता है कि ये सुरंगें मिस्र और अफगानिस्तान में खुलती हैं, लेकिन आज तक किसी को भी इन मार्ग के असाधारण फिनिश का पता लगाने का विकल्प नहीं मिला है।
  • कुलधरा की भूमि एकता, परिवार, संबंध, मित्रता, प्रेम और नारीत्व की कहानी है।
  • सदन लगभग उसी स्थिति में हैं, जैसा कि वे अपने प्रवासियों के द्वारा छोड़ दिए गए थे।
  • ऐसा प्रतीत होता है कि कुलधरा गाँव के लोग बिलकुल आधारभूत हैं, यहाँ तक कि सार्वजनिक प्राधिकरण भी जीवन को वापस नहीं ला सकता है और कस्बे में व्यावसायिक अभ्यासों का निर्माण कर सकता है।

तो, रोमांच के लिए अपनी प्यास का सम्मान करें और Kuldhara ki rahsay me Dastan   के लिए अपने बैग पैक करें। अगर आप Kuldhara ki rahsay me Dastan कहानियों के बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो निम्न बिंदुओं को याद रखें-

  • कोशिश करें कि यहां से गुजरने वाले मार्ग के अंदर गहरी कोशिश न करें, क्योंकि ऑक्सीजन की कमी आपको गंभीर रूप से अंदर ही अंदर मार सकती है।
  • शाम के समय इस स्थान पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है |

तो, रोमांच के लिए उत्साह का सम्मान करें और कुलधरा की रहस्यमयी दास्तां के लिए अपने बैग पैक करें।

Kuldhara ki rahsay me Dastan

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